हजरत यहया Hazrat Yahya


               हजरत यहया Hazrat Yahya  
  हजरत यहया हजरत जकरिया के फरजन्द और अल्लाह तआला के नबी थे, वह नेक लोगों के सरदार और जुहद व तकवा में बेमिसाल थे | अल्लाह तआला ने बचपन से हि इल्म व हिकमत से नवाजा था |उन्होंने शादी नहीं की थी, मगर उस के बावजूद उन के दिल में गुनाह का खयाल भी पैदा नही हुआ, वह अल्लाह तआला के खौफ से बहुत रोया करते थे | 

   अल्लाह तआला ने उन को और उन की कौम को सिर्फ अपनी इबादत व परस्तिश, नमाज व रोजा की पाबंदी और सदाका खैरात करने और कसरत से जिक्र करने का हुक्म दिया था | चुनान्चे उन्होंने अपनी कौम को बैतुल मकदिस में जमा कर के अल्लाह के इस पैगाम को सुनाया | 

   उन की जिन्दगी का अहम काम हजरत ईसा की आमद की बशारत देना और रुशद व हिदायत के लिये राह हमवार करना था, जब उन्होंने दावत व तबलीग का काम शरू किया और अपने बाद हजरत ईसा के आने की खुशखबरी सुनाई, तो उन की बढती हुई मकबुलियत यहुदी कौम के बरदाश्त न हो सकी और हुज्जत बाजी कर के इस अजीम पैगम्बर की शहीद कर डाला और अपने ही हाथों अपनी दुनिया व आखिरत को बरबाद कर लिया |            

    

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