हजरत मूसा की पैदाइश

                    हजरत मूसा की पैदाइश
हजरत मूसा बनी इस्राईल के जलीलुलकद्र नबी हैं, कुर्आने करीम में १३६ मर्तबा उन का जिक्र आया है | 

 अल्लाह तआला ने उन्हें हम कलामी का शर्फ भी अता फर्माया है, उन के वालिद का नाम इमरान था, वह सोलहंवी सदी कब्ल मसीह में पैदा हुए | पैदाइश के बाद उन की वालिदा ने फिरऔन के डर से उन्हें एक संदूक में रख कर दरिया में बहा दिया, संदूक बहता हुआ फिरऔन के महल तक जा पहुँचा, फिरऔन और उस की बीवी आसिया ने संदूक निकलवाया | अल्लाह तआला ने उस मासूम बच्चे की मुहब्बत आसिया के दिल में डाल दी और फिरऔन को उस की तरबियत व परवरिश करने और बेटा बनाने पर मजबूर कर दिया, इस तरहा गैबी तौर पर एक शहजादे की तरह शाही महल में हजरत मुसा की परवरिश हुई |
   जब वह जवान हुए, तो उन्होंने एक मजलूम इस्राईली की मदद करते हुए फिरऔन की कौम के एक आदमी को घूँसा मार दिया जिस की वजह से वह मर गया | हजरत मूसा अपनी जान के खौफ से मिस्र छोड कर मदयन चले गए वहाँ हजरत शुऐब से मुलाकात हुई तो उन्होंने हजरत मूसा की आमानतदारी को देख कर अपनी बेटी सफूरा से निकाह कर दिया |  जब वह अपने अहले खाना को लेकर मदयन से मिस्र रवाना हुए तो रास्ते मे अल्लाह तआल ने कोहे तूर पर नुबुव्वत से सरफराज फर्माया | फिर मिस्र पहुँच कर वह बनी इस्राईल की इस्लाह और फिरऔन को दावते हक देने में मश्गूल हो गए |               

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