कौमे बनी इस्राईल

                                                   कौमे बनी इस्राईल 
बनी इस्राईल का लफ्ज कुर्आने करीम में तकरीबन ४० मर्तबा आया है |

इस्राईल हजरत याकूब का दुसरा नाम है उन के बारह फरजन्दों से जो नस्ल चली, उन्हें “बनी इस्राईल” कहा जाता है | उन का मजहब यहुदियत है | मजहबी व कौमी एतेबार से तारीख में उन की बाडी अहेमियत है | तकरीबन दो हजार साल तक उन के अन्दर अम्बिया व मुरसलीन पैदा होते रहे और दुनियावी तरक्कियाँ भी उन्हें सदियों तक हासिल रहीं हजरत दाऊद व सुलेमान जैसे अल्लाह के रसूल और अजीम सलतनत व हुकूमत वाले बादशाह और हजरत यूसुफ जैसे जलीलुलकद्र नबी और शाहे मिस्र उसी कौम में पैदा हुए | दीने इस्लाम के जाहिर होने तक यह लोग अपने वतन मुल्के शाम से निकल कर हिजाज और उन के अतराफ में फैल चुके थे | खास तौर पर मदीना मूनव्वर के इर्द गिर्द उन की आबादियाँ थी | यह लोग बडे मालदार और तिजारात में माहिर समझे जाते थे | अल्लाह तआला ने कुर्आने करीम में बार बार उन पर अपने खुसूसी इनामात का तजकेरा किया है, साथ ही उन की बदआमाली, बद अहेदी, मुसलमानों और अल्लाह के पैगम्बरों के साथ उन की बदसुलूकी और दुसरी बहुत सी खराबियों का जिक्र किया है और अपनी हालत दुरूस्त करने का हुक्म दिया है |                                          
                                                                    
                                                                                                                        

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