हजरत इब्राहीम के अहले खाना

             हजरत इब्राहीम के अहले खाना
अल्लाह तआला ने हजरत इब्राहीम के अहल व अयाल में खूब बरकतें और रहमतें नाजिल फर्माई थी | उन को औलाद भी ऐसी मिलीं के सिर्फ नबी नहीं बल्के अम्बिया के मुरिसे आला बनीं | 

उन्होंने तीन शादियाँ की थीं | पहली बीवी का नाम सारा है, जो आप ही के खान्दान से थीं, उन से हजरत इसहाक जैसे पैगम्बर पैदा हुए, जिन की नस्ल से तकरीबन साढे तीन हजार अम्बिया पैदा हुए | उन की दुसरी बीवी का नाम हाजरा है, जो शाहे मिस्र की बेटी थी, बादशाह ने हिजरत के दौरन उन्हें हजरत इब्राहीम की जोजियत में दिया था | उन से हजरत इस्माईल की पैदाइश हुई जो जालीलुलकद्र नबी होने के साथ सय्यिदुल अम्बिया मोहम्मद मुस्तफा के जददे आला भी हैं | तीसरी बीवी का नाम कतुरा बताया जाता हैं, उन से हजरत इब्राहीम ने हजरत सारा की वफात के बाद अक्द फर्माया था | उन से कुल छ औलादें हुईं | उन की नस्ल और खान्दान को “बनू कतूरा” कहा जाता है |                                  
                                         

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