रसूलुल्लाह की परवरिश और खानदान


           रसूलुल्लाह की परवरिश और खानदान
रसूलुल्लाह अरबीयुन नस्ल और अरब के बा इज्जत कबिला कुरैश के खानदान बनी हाशीम में पैदा हुए | खुद हुजूर ने फर्माया : अल्लाह तआला ने इस्माईल की नस्ल में से “कनाना” को मुमताज बनाया और कनाना में से “कुरैश” को इज्जत अता फर्माई और कुरैश में “बनी हाशीम” को इम्तियाज बख्शा और बनी हाशीम में से मुझे मुन्तखब फर्माया |”

आप सल. की वालिदा बीबी आमिना खान्दाने बनू जोहरा की मोअज्जज खातून थीं | पैदाइश के बाद आप सल. को सौबिया ने दुध पिलाया | आरब के शुरफा का दस्तूर था के बच्चों को परवरिश के लिये देहात की औरतों के हवाले करते थे, ताके वहाँ की साफ व शफ्फाफ हवा की वजह से बच्चे सेहतमन्द और तन्दरुस्त रहें | इसी दस्तूर के मुवाफिक आप सल. को दादा अब्दुलमुत्तलिब ने हवाजिन के कबिला बनी सअद की एक शरीफ खातून हजरत हलीम सादिया के सुपूर्द किया | उन्होंने चार या पाँच साल तक आप सल. की परवरिश फर्माई. साल में दो मर्तबा आप सल. को मक्का ला कर वालीदा आमिना और दादा अब्दुल मुत्तलिब को दिखा जाती थीं |                   

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